भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन | Indian National Congress Sessions — सम्पूर्ण इतिहास और महत्वपूर्ण निर्णय

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सभी अधिवेशन (1885–1947) – स्थान, अध्यक्ष और महत्वपूर्ण प्रस्ताव की सम्पूर्ण सूची।
Share

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की कहानी बिना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress — INC) के अधूरी है।

1885 में जब कांग्रेस की स्थापना हुई, तब यह एक छोटी-सी सभा थी — कुछ शिक्षित भारतीयों का जमावड़ा। लेकिन धीरे-धीरे इसके वार्षिक अधिवेशन राष्ट्रीय जागरण के महाकुंभ बन गए।

हर वर्ष देश के किसी न किसी शहर में होने वाले इन अधिवेशनों में:

  • स्वतंत्रता की माँग उठाई गई
  • राष्ट्रीय नीतियाँ तय हुईं
  • महान नेताओं ने ऐतिहासिक भाषण दिए
  • ऐसे प्रस्ताव पारित हुए जिन्होंने भारत का इतिहास बदल दिया

“पूर्ण स्वराज” का प्रस्ताव, “असहयोग आंदोलन” का आह्वान, “भारत छोड़ो” का नारा — ये सब इन्हीं अधिवेशनों की देन हैं।

यह लेख कांग्रेस के सभी प्रमुख अधिवेशनों का व्यवस्थित, विस्तृत और परीक्षा-उपयोगी विवरण प्रस्तुत करता है।


भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस — एक परिचय | INC — A Brief Introduction

विवरणजानकारी
स्थापना28 दिसंबर 1885
स्थापना स्थानबॉम्बे (मुंबई), गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज
संस्थापकAllan Octavian Hume (A.O. Hume)
प्रथम अध्यक्षव्योमेशचंद्र बनर्जी (Womesh Chandra Bonnerjee)
प्रथम अधिवेशन में प्रतिनिधि72 प्रतिनिधि
मुख्य उद्देश्य (प्रारंभ में)भारतीयों के हितों की रक्षा, ब्रिटिश नीतियों पर चर्चा
बाद में उद्देश्यपूर्ण स्वराज — सम्पूर्ण स्वतंत्रता

कांग्रेस अधिवेशनों का कालक्रम — सम्पूर्ण सूची | Chronological List of INC Sessions

प्रारंभिक काल (1885–1905) — उदारवादी युग

वर्षस्थानअध्यक्षमहत्वपूर्ण बात
1885बॉम्बेव्योमेशचंद्र बनर्जीप्रथम अधिवेशन — INC की स्थापना
1886कलकत्तादादाभाई नौरोजीद्वितीय अधिवेशन
1887मद्रासबदरुद्दीन तैयबजीप्रथम मुस्लिम अध्यक्ष
1888इलाहाबादजॉर्ज यूलप्रथम ब्रिटिश अध्यक्ष
1889बॉम्बेसर विलियम वेडरबर्न
1890कलकत्तासर फिरोजशाह मेहता
1893लाहौरदादाभाई नौरोजी
1895पुणेसुरेंद्रनाथ बनर्जी
1896कलकत्तारहीमतुल्ला सयानीवंदे मातरम् पहली बार गाया गया
1905बनारसगोपाल कृष्ण गोखलेबंगाल विभाजन के विरुद्ध प्रस्ताव

महत्वपूर्ण विवरण — प्रारंभिक काल:

1885 — बॉम्बे (प्रथम अधिवेशन):

  • तिथि: 28–31 दिसंबर 1885
  • स्थान: गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज, बॉम्बे
  • अध्यक्ष: व्योमेशचंद्र बनर्जी
  • प्रतिनिधि: 72 (मूल रूप से पुणे में होना था लेकिन हैजे के कारण बॉम्बे में हुआ)
  • महत्व: भारतीय राष्ट्रवाद के संगठित रूप की शुरुआत

1887 — मद्रास:

  • अध्यक्ष: बदरुद्दीन तैयबजी
  • महत्व: कांग्रेस के प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष — यह सिद्ध किया कि कांग्रेस सभी धर्मों की संस्था है

1888 — इलाहाबाद:

  • अध्यक्ष: जॉर्ज यूल
  • महत्व: कांग्रेस के प्रथम ब्रिटिश अध्यक्ष

1896 — कलकत्ता:

  • अध्यक्ष: रहीमतुल्ला सयानी
  • महत्व: “वंदे मातरम्” पहली बार गाया गया — रवींद्रनाथ टैगोर ने गाया

उग्रवादी काल और सूरत विभाजन (1905–1920)

वर्षस्थानअध्यक्षमहत्वपूर्ण बात
1906कलकत्तादादाभाई नौरोजी“स्वराज” शब्द पहली बार — “स्वराज हमारा लक्ष्य है”
1907सूरतरास बिहारी घोषसूरत विभाजन — गरम दल vs नरम दल
1908मद्रासरास बिहारी घोष
1909लाहौरमदन मोहन मालवीय
1911कलकत्ताबिशन नारायण धरजन गण मन पहली बार गाया गया
1915बॉम्बेसर सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा
1916लखनऊअंबिका चरण मजुमदारलखनऊ समझौता — कांग्रेस-मुस्लिम लीग
1917कलकत्ताएनी बेसेंटप्रथम महिला अध्यक्ष
1918बॉम्बेसैयद हसन इमाम
1919अमृतसरमोतीलाल नेहरूजलियाँवाला बाग की निंदा

महत्वपूर्ण विवरण — उग्रवादी काल:

1906 — कलकत्ता:

  • अध्यक्ष: दादाभाई नौरोजी (85 वर्ष की आयु में)
  • महत्व: पहली बार “स्वराज” को कांग्रेस का लक्ष्य घोषित किया
  • चार प्रस्ताव पारित: स्वदेशी, बहिष्कार, राष्ट्रीय शिक्षा, स्वराज

1907 — सूरत (ऐतिहासिक विभाजन):

  • अध्यक्ष: रास बिहारी घोष
  • महत्व: कांग्रेस का गरम दल और नरम दल में विभाजन
  • गरम दल: बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल (लाल-बाल-पाल)
  • नरम दल: गोपाल कृष्ण गोखले, फिरोजशाह मेहता
  • कांग्रेस मंच पर जूते फेंके गए — ऐतिहासिक अव्यवस्था

1911 — कलकत्ता:

  • महत्व: “जन गण मन” पहली बार गाया गया — रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित

1916 — लखनऊ:

  • अध्यक्ष: अंबिका चरण मजुमदार
  • महत्व: लखनऊ समझौता (Lucknow Pact) — कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच
  • पृथक निर्वाचन मंडल की माँग कांग्रेस ने स्वीकार की
  • तिलक और जिन्ना दोनों इस समझौते में शामिल

1917 — कलकत्ता:

  • अध्यक्ष: एनी बेसेंट (Annie Besant)
  • महत्व: कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष
  • होमरूल आंदोलन की नेत्री

गांधी युग — असहयोग से भारत छोड़ो तक (1920–1942)

वर्षस्थानअध्यक्षमहत्वपूर्ण बात
1920नागपुरC. विजयराघवाचारीअसहयोग आंदोलन का प्रस्ताव — गांधी जी का युग शुरू
1921अहमदाबादहकीम अजमल खाँ
1922गयाचित्तरंजन दास
1923काकीनाडामौलाना मुहम्मद अली
1924बेलगाममहात्मा गांधीगांधी जी एकमात्र बार अध्यक्ष
1925कानपुरसरोजिनी नायडूप्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष
1927मद्रासM.A. अंसारीसाइमन कमीशन बहिष्कार का प्रस्ताव
1928कलकत्तामोतीलाल नेहरूनेहरू रिपोर्ट प्रस्तुत
1929लाहौरजवाहरलाल नेहरूपूर्ण स्वराज का प्रस्ताव — 26 जनवरी 1930
1930सविनय अवज्ञा आंदोलन — कोई अधिवेशन नहीं
1931कराचीसरदार वल्लभभाई पटेलमौलिक अधिकारों का प्रस्ताव
1932दिल्लीअमृत रणछोड़दास सेठ
1933कलकत्तानेली सेनगुप्ता
1934बॉम्बेराजेंद्र प्रसाद
1936लखनऊजवाहरलाल नेहरू
1937फ़ैज़पुरजवाहरलाल नेहरूपहला ग्रामीण अधिवेशन
1938हरिपुरासुभाष चंद्र बोस
1939त्रिपुरीसुभाष चंद्र बोसबोस का पुनर्निर्वाचन — गांधी से मतभेद
1940रामगढ़मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
1942भारत छोड़ो आंदोलन — अगस्त 1942

महत्वपूर्ण विवरण — गांधी युग:

1920 — नागपुर:

  • अध्यक्ष: C. विजयराघवाचारी
  • महत्व: असहयोग आंदोलन (Non-Cooperation Movement) का प्रस्ताव पारित
  • गांधी जी ने कांग्रेस की कमान सँभाली
  • ब्रिटिश उपाधियाँ और पदों का बहिष्कार

1924 — बेलगाम:

  • अध्यक्ष: महात्मा गांधी
  • महत्व: गांधी जी एकमात्र बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने

1925 — कानपुर:

  • अध्यक्ष: सरोजिनी नायडू
  • महत्व: कांग्रेस की प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष (एनी बेसेंट ब्रिटिश थीं)

1928 — कलकत्ता:

  • अध्यक्ष: मोतीलाल नेहरू
  • महत्व: नेहरू रिपोर्ट प्रस्तुत — भारत के संविधान का प्रारूप
  • डोमिनियन स्टेटस की माँग

1929 — लाहौर (सबसे महत्वपूर्ण अधिवेशनों में से एक):

  • अध्यक्ष: जवाहरलाल नेहरू (40 वर्ष की आयु में)
  • तिथि: दिसंबर 1929
  • महत्व:
    • “पूर्ण स्वराज (Complete Independence)” का ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित
    • रावी नदी के तट पर तिरंगा फहराया गया
    • 26 जनवरी 1930 को “स्वतंत्रता दिवस” मनाने का निर्णय
    • इसीलिए 26 जनवरी को बाद में गणतंत्र दिवस चुना गया

1931 — कराची:

  • अध्यक्ष: सरदार वल्लभभाई पटेल
  • महत्व:
    • मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) का प्रस्ताव पारित
    • गांधी-इरविन समझौते की पुष्टि
    • भगत सिंह की शहादत की निंदा

1937 — फ़ैज़पुर:

  • अध्यक्ष: जवाहरलाल नेहरू
  • महत्व: कांग्रेस का पहला ग्रामीण अधिवेशन — महाराष्ट्र के एक छोटे गाँव में

1938 — हरिपुरा:

  • अध्यक्ष: सुभाष चंद्र बोस
  • महत्व: गुजरात के हरिपुरा में — राष्ट्रीय योजना समिति (National Planning Committee) की स्थापना

1939 — त्रिपुरी:

  • अध्यक्ष: सुभाष चंद्र बोस (दोबारा चुने गए)
  • महत्व:
    • बोस ने गांधी के उम्मीदवार पट्टाभि सीतारमैया को हराया
    • गांधी जी ने कहा — “पट्टाभि की हार मेरी हार है”
    • बाद में बोस ने इस्तीफ़ा दिया और फॉरवर्ड ब्लॉक बनाया

अंतिम चरण — स्वतंत्रता की ओर (1940–1947)

वर्षस्थानअध्यक्षमहत्वपूर्ण बात
1940रामगढ़मौलाना अबुल कलाम आज़ादपहले से लंबित मुद्दे — द्वितीय विश्वयुद्ध
1941मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
1942बॉम्बेमौलाना अबुल कलाम आज़ादभारत छोड़ो आंदोलन (8 अगस्त 1942) — AICC बैठक, बॉम्बे
1946मेरठJ.B. कृपलानी
1947स्वतंत्रता — 15 अगस्त 1947

1942 — भारत छोड़ो (AICC बैठक, बॉम्बे):

  • तिथि: 8 अगस्त 1942
  • स्थान: ग्वालिया टैंक मैदान (अब अगस्त क्रांति मैदान), बॉम्बे
  • महत्व:
    • “भारत छोड़ो (Quit India)” प्रस्ताव पारित
    • गांधी जी का नारा: “करो या मरो (Do or Die)”
    • अगले दिन 9 अगस्त को गांधी, नेहरू सहित सभी बड़े नेता गिरफ्तार

कांग्रेस के प्रमुख अधिवेशन — विषयवार सूची | Subject-wise Important Sessions

“पहली बार” वाले अधिवेशन | Historic Firsts

घटनावर्षस्थान
प्रथम अधिवेशन1885बॉम्बे
प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष — बदरुद्दीन तैयबजी1887मद्रास
प्रथम ब्रिटिश अध्यक्ष — जॉर्ज यूल1888इलाहाबाद
“स्वराज” शब्द पहली बार — दादाभाई नौरोजी1906कलकत्ता
वंदे मातरम् पहली बार गाया गया1896कलकत्ता
जन गण मन पहली बार गाया गया1911कलकत्ता
प्रथम महिला अध्यक्ष — एनी बेसेंट1917कलकत्ता
गांधी जी अध्यक्ष1924बेलगाम
प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष — सरोजिनी नायडू1925कानपुर
पूर्ण स्वराज प्रस्ताव1929लाहौर
प्रथम ग्रामीण अधिवेशन1937फ़ैज़पुर
भारत छोड़ो प्रस्ताव1942बॉम्बे (AICC)

महिला अध्यक्षों की सूची | Women Presidents of INC

नामवर्षस्थानविशेषता
एनी बेसेंट1917कलकत्ताप्रथम महिला अध्यक्ष (ब्रिटिश)
सरोजिनी नायडू1925कानपुरप्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष
नेली सेनगुप्ता1933कलकत्तातृतीय महिला अध्यक्ष
इंदिरा गांधी1959चतुर्थ महिला अध्यक्ष
सोनिया गांधी1998–2017, 2022सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष

जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षताएँ | Nehru’s Presidencies

जवाहरलाल नेहरू ने कांग्रेस की अध्यक्षता चार बार की:

वर्षस्थानमहत्व
1929लाहौरपूर्ण स्वराज प्रस्ताव
1936लखनऊसमाजवाद की बात
1937फ़ैज़पुरपहला ग्रामीण अधिवेशन
1946स्वतंत्रता पूर्व अंतिम अध्यक्ष के रूप में

अधिवेशनों में पारित प्रमुख प्रस्ताव | Important Resolutions Passed

1. स्वदेशी और बहिष्कार (1905–1906):

  • 1905 बनारस: बंगाल विभाजन के विरुद्ध — स्वदेशी आंदोलन का समर्थन
  • 1906 कलकत्ता: स्वदेशी, बहिष्कार, राष्ट्रीय शिक्षा और स्वराज — चार प्रस्ताव

2. लखनऊ समझौता (1916):

  • कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच पहली बार समझौता
  • पृथक निर्वाचन मंडल को कांग्रेस की मान्यता
  • हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रयास

3. असहयोग आंदोलन (1920 — नागपुर):

  • ब्रिटिश सरकार से पूर्ण असहयोग
  • उपाधियाँ वापस करना, कौंसिलों का बहिष्कार
  • विदेशी वस्त्रों की होली
  • राष्ट्रीय स्कूलों और कॉलेजों की स्थापना

4. पूर्ण स्वराज (1929 — लाहौर):

  • भारत के लिए डोमिनियन स्टेटस नहीं — पूर्ण स्वतंत्रता
  • 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय
  • सविनय अवज्ञा आंदोलन (दांडी मार्च) की पृष्ठभूमि

5. मौलिक अधिकार प्रस्ताव (1931 — कराची):

  • भाषण, धर्म, अंतःकरण की स्वतंत्रता
  • सभी नागरिकों को समान अधिकार
  • महिलाओं को समान दर्जा
  • निःशुल्क प्राथमिक शिक्षा
  • यह प्रस्ताव भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों का आधार बना

6. भारत छोड़ो (1942 — बॉम्बे AICC):

  • अंग्रेज़ों को तुरंत भारत छोड़ने का आदेश
  • “करो या मरो” — गांधी जी का ऐतिहासिक नारा
  • जन आंदोलन का आह्वान

कांग्रेस के प्रमुख अधिवेशन और उनके नगर | City-wise Important Sessions

नगरमहत्वपूर्ण अधिवेशन वर्ष
बॉम्बे (मुंबई)1885 (प्रथम), 1915, 1918, 1942 (AICC)
कलकत्ता (कोलकाता)1886, 1890, 1896 (वंदे मातरम्), 1906 (स्वराज), 1911 (जन गण मन), 1917 (एनी बेसेंट)
लाहौर1893, 1909, 1929 (पूर्ण स्वराज)
मद्रास (चेन्नई)1887 (तैयबजी), 1908, 1927
इलाहाबाद (प्रयागराज)1888 (जॉर्ज यूल), 1892
लखनऊ1916 (लखनऊ समझौता), 1936
बनारस (वाराणसी)1905
सूरत1907 (विभाजन)
नागपुर1920 (असहयोग)
बेलगाम1924 (गांधी अध्यक्ष)
कानपुर1925 (सरोजिनी नायडू)
कराची1931 (मौलिक अधिकार)
फ़ैज़पुर1937 (ग्रामीण अधिवेशन)
हरिपुरा1938 (सुभाष बोस)
त्रिपुरी1939 (बोस बनाम गांधी)
रामगढ़1940 (आज़ाद)

कांग्रेस के प्रमुख अध्यक्ष और उनकी उपलब्धियाँ | Notable Presidents of INC

दादाभाई नौरोजी (तीन बार — 1886, 1893, 1906):

  • कांग्रेस के “ग्रैंड ओल्ड मैन”
  • “Poverty and Un-British Rule in India” पुस्तक के लेखक
  • “Drain Theory” — भारत से धन के निष्कासन की अवधारणा
  • 1906 में 85 वर्ष की आयु में “स्वराज” शब्द का उद्घोष

बाल गंगाधर तिलक:

  • कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बने लेकिन उग्रवादी दल के नेता
  • “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है”
  • गणपति उत्सव और शिवाजी उत्सव से राष्ट्रीय जागरण

मोतीलाल नेहरू (1919, 1928):

  • नेहरू रिपोर्ट (1928) — भारत के संविधान का प्रारूप
  • जवाहरलाल नेहरू के पिता
  • स्वराज पार्टी के संस्थापक

सुभाष चंद्र बोस (1938, 1939):

  • 1938 हरिपुरा: राष्ट्रीय योजना समिति की स्थापना
  • 1939 त्रिपुरी: गांधी के उम्मीदवार को हराया
  • बाद में फॉरवर्ड ब्लॉक और INA (आज़ाद हिंद फ़ौज) की स्थापना

मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (1940–1945):

  • सबसे लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष — 6 वर्ष
  • स्वतंत्रता संग्राम के कठिन दौर में नेतृत्व

परीक्षा में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण तथ्य | Important Exam Facts

याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बिंदु:

  • प्रथम अधिवेशन: 1885, बॉम्बे, व्योमेशचंद्र बनर्जी
  • प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष: बदरुद्दीन तैयबजी (1887, मद्रास)
  • प्रथम ब्रिटिश अध्यक्ष: जॉर्ज यूल (1888, इलाहाबाद)
  • स्वराज शब्द: 1906, कलकत्ता, दादाभाई नौरोजी
  • वंदे मातरम् पहली बार: 1896, कलकत्ता
  • जन गण मन पहली बार: 1911, कलकत्ता
  • प्रथम महिला अध्यक्ष: एनी बेसेंट (1917, कलकत्ता)
  • सूरत विभाजन: 1907 (गरम vs नरम दल)
  • लखनऊ समझौता: 1916 (कांग्रेस-मुस्लिम लीग)
  • असहयोग: 1920, नागपुर
  • गांधी एकमात्र बार अध्यक्ष: 1924, बेलगाम
  • प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष: सरोजिनी नायडू (1925, कानपुर)
  • पूर्ण स्वराज: 1929, लाहौर, जवाहरलाल नेहरू
  • मौलिक अधिकार प्रस्ताव: 1931, कराची, वल्लभभाई पटेल
  • पहला ग्रामीण अधिवेशन: 1937, फ़ैज़पुर
  • भारत छोड़ो: 1942, बॉम्बे (AICC), गांधी जी
  • सबसे लंबे अध्यक्ष: मौलाना आज़ाद (1940–1945, 6 वर्ष)
  • नेहरू जी सर्वाधिक बार अध्यक्ष: चार बार (1929, 1936, 1937, 1946)

महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर | FAQs

प्र. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन कब और कहाँ हुआ?

उ. 28–31 दिसंबर 1885 को बॉम्बे (मुंबई) के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में। अध्यक्ष थे व्योमेशचंद्र बनर्जी। इसमें 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

प्र. कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष कौन थीं?

उ. एनी बेसेंट (Annie Besant) — 1917 में कलकत्ता अधिवेशन में। वे ब्रिटिश थीं। पहली भारतीय महिला अध्यक्ष सरोजिनी नायडू थीं — 1925 में कानपुर अधिवेशन में।

प्र. “पूर्ण स्वराज” का प्रस्ताव किस अधिवेशन में पारित हुआ?

उ. 1929 के लाहौर अधिवेशन में — जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में। इसमें 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय भी हुआ।

प्र. सूरत विभाजन क्या था?

उ. 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस का गरम दल (तिलक, लाजपत राय, बिपिन पाल) और नरम दल (गोखले, मेहता) में विभाजन हो गया। यह कांग्रेस के इतिहास का पहला बड़ा विभाजन था।

प्र. गांधी जी कितनी बार कांग्रेस के अध्यक्ष रहे?

उ. गांधी जी केवल एक बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने — 1924 के बेलगाम अधिवेशन में।

प्र. कराची अधिवेशन (1931) का क्या महत्व है?

उ. सरदार वल्लभभाई पटेल की अध्यक्षता में हुए इस अधिवेशन में मौलिक अधिकारों का प्रस्ताव पारित हुआ जो बाद में भारतीय संविधान के मौलिक अधिकारों का आधार बना। गांधी-इरविन समझौते की भी यहाँ पुष्टि हुई।


भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ये अधिवेशन केवल बैठकें नहीं थे — ये भारत की राष्ट्रीय चेतना की धड़कनें थीं।

1885 में जब 72 प्रतिनिधि बॉम्बे में मिले, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह छोटी-सी सभा आगे चलकर विश्व के सबसे बड़े स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व करेगी।

1906 में कलकत्ता में “स्वराज” का बीज बोया गया। 1929 में लाहौर में “पूर्ण स्वराज” का वटवृक्ष खड़ा हुआ। और 1942 में बॉम्बे में “भारत छोड़ो” की आँधी उठी जिसने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी।

1885 से 1947 तक — 62 वर्षों में — इन अधिवेशनों ने भारत को दासता से स्वतंत्रता की ओर ले जाने में अतुलनीय भूमिका निभाई।

आज जब हम 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते हैं — तो उसकी जड़ें 1929 के लाहौर अधिवेशन में हैं। जब हम “जन गण मन” गाते हैं — तो वह 1911 के कलकत्ता अधिवेशन की याद है। जब हम मौलिक अधिकारों की बात करते हैं — तो वह 1931 के कराची अधिवेशन की देन है।

ये अधिवेशन भारत के इतिहास के वे पन्ने हैं जो कभी पुराने नहीं होते।

Also Read: एशियाटिक सोसाइटी | Asiatic Society: सम्पूर्ण इतिहास, योगदान और महत्व


Share

Chandan Kumar

Chandan Kumar is the founder of Jobtheta.com, a platform focused on providing the latest government job updates, results, admit cards, and career guidance for aspirants across India. With a strong interest in recruitment trends and exam processes, he regularly publishes well-structured articles covering railway, SSC, banking, and apprenticeship opportunities. His content focuses on delivering accurate information along with practical guidance such as document verification tips, selection process breakdowns, and application support. Through Jobtheta, his goal is to simplify complex job notifications and help candidates make better decisions during their preparation and application journey.

Leave a Comment